Tuesday, 11 August 2015

सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड का मामला संविधान पीठ के पास भेजा

नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने सभी नागरिकों को आधार कार्ड मुहैया कराने की केंद्र की महत्वाकांक्षी योजना को चुनौती देने वाली याचिकाओं को मंगलवार को एक संविधान पीठ के पास भेज दिया। इसके साथ ही वृहद पीठ इस बात पर भी निर्णय लेगी कि निजता का अधिकार मौलिक अधिकार है या नहीं। न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर, न्यायमूर्ति एसए बोबडे और न्यायमूर्ति सी नागप्पन की पीठ ने केंद्र की याचिका मंजूर करते हुए विभिन्न प्रश्न तैयार किए, जिन पर वृहद संविधान पीठ को फैसला करना है। इनमें यह प्रश्न भी शामिल है कि निजता का अधिकार एक मौलिक अधिकार है या नहीं। उच्चतम न्यायालाय ने वृहद पीठ के गठन के लिए यह मामला प्रधान न्यायाधीश एचएल दत्तू के पास भेजते हुए कहा कि यदि हां, तो निजता के अधिकार की रुपरेखा क्या होगी। उच्चतम न्यायालय इस मामले में अपराह्न दो बजे सुनवाई करेगा कि सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड वैकल्पिक रहेगा या नहीं और क्या इसका जारी पंजीकरण रोका जाएगा या नहीं।

व्यापम केस में सीबीआई ने दर्ज की तीन और एफआईआर

मध्य प्रदेश के व्यावसायिक परीक्षा मंडल (व्यापम) घोटाले की जांच कर रहे केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने सोमवार को तीन और एफआईआर दर्ज की हैं. इन एफआईआर में 26 लोगों को आरोपी बनाया गया है. सीबीआई के आधिकारिक सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार को दर्ज प्राथमिक में दो पीएमटी को लेकर है और एक पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) भर्ती परीक्षा को लेकर है. पहली प्राथमिकी पीएमटी 2004 को लेकर है, इसमें कुल आठ लोगों को आरोपी बनाया गया है. दूसरी प्राथमिकी पीएमटी 2005 को लेकर है. इसमें 11 लोगों को आरोपी बनाया गया है.
इन मामलों में ग्वालियर के पुलिस थाना झांसी रोड में 19 जुलाई 2014 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी. सीबीआई के मुताबिक, तीसरी प्राथमिकी पुलिस आरक्षक (कांस्टेबल) भर्ती परीक्षा 2012 में हुई गड़बड़ी को लेकर दर्ज की गई है. इसमें सात लोगों को आरोपी बनाया गया है. इस मामले में एसटीएफ ने भोपाल में सात मई 2015 को प्राथमिकी दर्ज की थी.
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सीबीआई जांच कर रही है. एक तरफ जहां वह परीक्षाओं में गड़बड़ी पर प्राथमिकी दर्ज कर रही है, वहीं इस मामले से जुड़े लोगों की मौत के मामलों को भी जांच के दायरे में ले रही है. व्यापम घोटाले में जहां पूर्व मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा से लेकर व्यापमं के पूर्व नियंत्रक पंकज त्रिवेदी सहित वरिष्ठ अधिकारी व राजनीतिक दलों से जुड़े लोग जेल में हैं, वहीं राज्यपाल रामनरेश या दव पर एसटीएफ ने पूर्व में प्रकरण दर्ज किया था.

योगेंद्र यादव गिरफ्तारः थाने में मिलने पहुंचे संजय सिंह, लेकिन यादव समर्थकों ने भगाया


नई दिल्ली. विरोध-प्रदर्शन के दौरान अरेस्ट किए गए योगेंद्र यादव से मिलने गए आप नेता संजय सिंह को योगेंद्र के समर्थकों ने धक्का देकर भगा दिया। इससे पहले मंगलवार सुबह योगेंद्र यादव का दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बचाव किया था। संजय सिंह जब योगेंद्र यादव से मिलने संसद मार्ग थाने पहुंचे तो वहां मौजूद यादव के समर्थकों ने उनके खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संजय सिंह को ‘गद्दार और धोखेबाज’ कहते हुए योगेंद्र के सपोर्टर ने ‘संजय सिंह वापस जाओ’ के नारे लगाए। बता दें कि प्रशांत भूषण के साथ योगेंद्र यादव को कुछ महीने पहले केजरीवाल ने पार्टी से निकाल दिया था।
सोमवार की रात योगेंद्र यादव और उनके करीब 90 समर्थकों को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में ले लिया था और मंगलवार को अरेस्ट कर लिया गया। सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। बताया जा रहा है कि रैली में शामिल लोग जब प्रधानमंत्री आवास की ओर जाने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने इऩ लोगों को हिरासत में लिया। यादव ने आरोप लगाया है कि पुलिस ने हिरासत में उनके साथ गलत बर्ताव और मार-पीट की। आप से निकाले गए योगेंद्र यादव का संगठन स्वराज अभियान भूमि अधिग्रहण बिल का विरोध कर रहा है। इसी सिलसिले में ये जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे थे।
संजय बोले, विरोध की वजह नहीं पता
संजय सिंह ने कहा, ”विरोध की कोई भी वजह हो मुझे नहीं पता। किसानों के हित में आंदोलन था इसलिए मैं आया था। अब ये लोग कह रहे हैं तो मैं वापस चला जा रहा हूं।” जानकारी के मुताबिक, संजय सिंह को योगेंद्र के समर्थकों ने करीब 200 मीटर तक खदेड़ा और उनके साथ धक्कामुक्की भी की। वहीं, मंगलवार की सुबह जब योगेंद्र यादव ने संसद मार्ग थाने में मीडिया से बात करने की कोशिश की तो दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया और जबरदस्ती उन्हें अंदर ले गई।
केजरीवाल का ट्वीटः
अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट करके दिल्ली पुलिस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ”दिल्ली पुलिस ने योगेंद्र यादव जी के साथ जिस तरह का बर्ताव किया, मैं उसकी कड़े शब्दों में निंदा करता हूं। वे शांति से प्रदर्शन कर रहे थे। यह उनका हक है।’
वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि रैली की परमिशन केवल शाम होने तक ही थी। पुलिस ने जब इन लोगों को यहां से जाने के लिए कहा तो उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया और पीएम हाउस की ओर जाने की कोशिश करने लगे, जहां धारा 144 लगी हुई है। इसके बाद इन लोगों को हिरासत में लिया गया।

40 लोग 440 सदस्यों का हक नहीं मार सकते: सुमित्रा


 0ई दिल्ली। लोकसभा में कांग्रेस और कुछ अन्य दलों के सदस्यों द्वारा आसन के सामने आकर पोस्टर दिखाने और नारेबाजी जारी रखने पर संसदीय कार्य मंत्री एम वेंकैया नायडू ने इनके खिलाफ कार्रवाई करने की आसन से मांग की जिस पर लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने कहा कि 40 लोग मिलकर 440 से अधिक सदस्यों का हक नहीं मार सकते और ऐसा आचरण लोकतंत्र की हत्या है। सदन की कार्यवाही में बाधा डालने के कारण पांच बैठकों से निलंबित किए गए कांग्रेस के 25 सदस्यों के सोमवार को सदन में वापस आने के बाद से फिर हंगामा शुरू करने पर नायडू और स्पीकर ने यह टिप्पणी की।
इससे पहले, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को हंगामा कर रहे सदस्यों की ओर इशारा करके नायडू से कुछ कहते देखा गया। इसके तुरंत बाद नायडू ने स्पीकर से कहा, ‘‘20 लोग सदन को बंधक बनाकर नहीं रख सकते। आप इन्हें चेतावनी दीजिए, इनके खिलाफ कार्रवाई कीजिए… हर दिन तमाशा, अभद्र भाषा का प्रयोग, स्पीकर के चेहरे के आगे प्लेकार्ड दिखाना.. ये सब नहीं चलेगा।’’ इस पर स्पीकर ने कहा कि 40 लोग मिलकर सदन के 440 सदस्यों का अधिकार छीन रहे हैं। यह प्रजातंत्र नहीं उसकी हत्या है। उन्होंने लोकसभा टीवी से कहा, ‘‘जो लोग ये हंगामा कर रहे हैं, उन्हें जरूर दिखाइए, हिंदुस्तान देखे कि ये कैसा आचरण कर रहे हैं… कैसा गैर जिम्मेदाराना आचरण है आप लोगों का.. पूरा हिंदुस्तान देखे, जनता देखे..यह वास्तव में बहुत अच्छा रहेगा।’’ शोरशराबे के बीच ही चल रहे शून्यकाल के दौरान अपना विषय उठाने से पहले बीजद के भृतुहरि मेहताब ने कहा, ”आज इस सदन में फासीवाद का स्वरूप नजर आ रहा है। आपके (स्पीकर) संयम को चुनौती देने का प्रयास हो रहा है। मैं ईश्वर से प्रार्थना करता हूं कि आपका संयम बरकरार रहे।’’
नायडू द्वारा हंगामा कर रहे कांग्रेसी सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की आसन से मांग किए जाने के बाद सत्ता पक्ष के कई सदस्य अपने स्थान पर खड़े होकर सोनिया गांधी के खिलाफ नारे लगाने लगे। लेकिन नायडू ने उन्हें अपने स्थानों पर शांत होकर बैठने का संकेत किया। ललित मोदी और व्यापमं मामलों को लेकर सुषमा स्वराज, वसुंधरा राजे और शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफों की मांग को लेकर कांग्रेस और वाम दलों के सदस्यों का मानसून सत्र के पहले दिन से ही हंगामा जारी है जिसके कारण लोकसभा की अब तक की कार्यवाही लगभग ठप रही है।
आज भी सदन की कार्यवाही शुरू होने पर कांग्रेस और वाम दलों के सदस्यों ने ललित मोदी और व्यापमं के मुद्दों तथा सपा, राजद और जदयू के सदस्यों ने जातिगत जनगणना के मुद्दे पर आसन के सामने आकर नारेबाजी की। अध्यक्ष ने भारी शोरशराबे के बीच ही प्रश्नकाल और उसके बाद शून्यकाल चलाया। इस हंगामे के बीच कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी तृणमूल कांग्रेस, वाम दलों और जनता दल यू तथा आप के सदस्यों से लगातार विचार विमर्श करते देखे गए। इसके कुछ देर बाद तृणमूल के सदस्य भी अपने स्थान पर खड़े हो गए।
इस बीच, राकांपा की सुप्रिया सुले नारे लगा रहे सदस्यों को गले को राहत देने के लिए उन्हें गोलियां देती नजर आयीं। कांग्रेस सदस्यों द्वारा ‘‘तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी’’ और अन्य नारे लगाए जाने के समय पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी भी अपनी सीट पर बैठी बैठी उन नारों का साथ देती देखी गयीं। बाद में कांग्रेस अध्यक्ष के साथ बैठे सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव अपने दल के सदस्यों को जाति जनगणना की मांग पर आसन के सामने नारे लगाने को प्रेरित करते देखे गए।
हंगामे के बीच ही अध्यक्ष ने मुलायम सिंह और जदयू नेता जयप्रकाश नारायण को उनकी बात रखने की अनुमति दी और इन दोनों ही नेताओं ने जाति जनगणना के आंकड़ों को सार्वजनिक करने की मांग की। हंगामे के बीच सदन की कार्यवाही चलाने के बाद अध्यक्ष ने लगभग एक बजे बैठक को भोजनावकाश के लिए सवा दो बजे तक स्थगित कर दिया।

Monday, 10 August 2015

अमिताभ बच्चन ने ट्वीट कर दी जानकारी, फिर से बड़े पर्दे पर लौट रहे हैं कादर खान

मुंबई : बॉलीवुड के मशहूर अभिनेता कादर खान लंबे अंतराल के बाद एक बार फिर बडे पर्दे पर लौट रहे हैं. मेगास्टार अमिताभ बच्चन ने ट्विटर पर इसकी जानकारी दी. अमिताभ बच्चन ने कादर के लौटने का स्वागत किया. उन्होंने लिखा, ‘ कादर खान..महान सहयोगी, लेखक, मेरी कई सफल फिल्मों में सहायक..लंबे अंतराल के बाद फिल्म में वापस लौट रहे हैं..स्वागत है.’  हालांकि बिग बी ने उस फिल्म का नाम नही बताया जिससे उनकी वापसी हो रही है. कादर खान ने अभी तक अपनी एक्टिंग से दर्शकों को खूब हंसाया है. साथ ही कई गंभीर रोल निभाकर भी दर्शकों को हैरान किया है. कादर खान और गोविंदा की जोड़ी को दर्शकों ने खासा पसंद किया है. अब देखना दिलचस्‍प होगा कि कादर खान कौन सी फिल्‍म से वापसी करते हैं. वहीं बिग बी अपनी आगामी फिल्‍म ‘वजीर’ को लेकर खासा व्‍यस्‍त हैं. राजकुमार हिरानी के निर्देशन में बनी इस फिल्‍म में फरहान अखतर और जॉन अब्राहम भी मुख्‍य भूमिका में दिखाई देंगे. इस फिल्‍म में अमिताभ ने एक विकलांग व्‍यक्ति का किरदार निभाया है.

ललित मोदी ने आईसीसी की विरोधी क्रिकेट संस्था का खाका तैयार किया

लंदन। निर्वासित जीवन जीने और गिरफ्तारी के खतरे का सामना करने के बावजूद आईपीएल के बख्रास्त आयुक्त ललित मोदी ने आईसीसी की विरोधी क्रिकेट की संचालन संस्था का खाका तैयार किया है। उनका दावा है कि यह दुनिया भर में क्रिकेट का भविष्य है। वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों का सामना कर रहे और फिलहाल यहां रह रहे ललित ने कहा कि नयी संस्था ओलंपिक अभियान से मान्यता प्राप्त होगी और टेस्ट तथा टी20 प्रतियोगिताओं का संचालन करेगी जबकि एकदिवसीय प्रारूप को खत्म कर दिया जाएगा।
ललित ने ‘आस्ट्रेलियन ब्राडकास्टिंग कारपोरेशन’ से कहा, ‘‘हम एक अन्य क्रिकेट प्रणाली की बात कर रहे हैं। इसका खाका तैयार है, इस पर मेरा ठप्पा लगा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसमें जुड़ा हुआ हूं। मैं पहली बार यह कह रहा हूं, मैं इस खाके को तैयार करने में शामिल रहा हूं। हमें मौजूदा संगठन का सामना करना पड़ सकता है, कोई सदस्य नहीं। इसके लिए कुछ अरब डालर की जरूरत पड़ेगी, मुझे नहीं लगता कि काम शुरू करने के लिए इसे हासिल करना कोई समस्या है।’’ ललित ने कहा, ‘‘मैंने जो योजना तैयार की है वह काफी विस्तृत योजना है, ऐसा नहीं है कि आनन फानन में यह योजना तैयार हुई है। इसे तैयार करने में वषरें का समय लगा है।’’

काबुल में बड़ा आत्मघाती हमला, कई लोगों के मरने की आशंका

काबुल : अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में बड़ा धमाका हुआ है. इस धमाके में बड़ी संख्या में लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है. अभी-अभी आ रही है खबरों के मुताबिक काबुल में एयरपोर्ट रोड पर सीरियल धमाके हुए हैं, जिनमें सैकड़ों लोगों के जख्मी होने की आशंका है. मौके पर मौजूद एक सुरक्षाकर्मी का कहना है कि ऐसा मालूम होता है कि आत्मघाती हमलावर के निशाने पर दो बख्तरबंद गड़ियां थीं, हालांकि ये साफ नहीं है उन गाड़ी में कौन लोग थे. काबुल में पिछले हफ्ते भी बड़ा धमाका हुआ था जिसमें सुरक्षाकर्मियों सहित 50 आम लोगों की मौत हो गई थी.