Showing posts with label रघुराम राजन. Show all posts
Showing posts with label रघुराम राजन. Show all posts

Thursday, 20 August 2015

अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है, ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ सकती है: राजन

मुंबई, आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है और उम्मीद जताई कि यदि मानसून में सुधार होता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी। राजन ने यहां दूसरे एसबीआई बैंकिंग एंड इकनामिक कान्क्लेव में कहा ‘‘हमारा मानना है कि अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है।’’ मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस द्वारा भारत की वृद्धि का अनुमान घटाने के दो बाद आज राजन ने अपनी टिप्पणी में कहा कि बुवाई अच्छी है और उम्मीद है कि बारिश कम नहीं होगी।
उन्होंने कहा ‘‘उम्मीद है कि बुवाई बहुत अच्छी हुई है और यदि बारिश कम नहीं होती और दरअसल बढ़ ही जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में मांग और तेजी से लौट सकती है।’’ राजन ने कहा कि यह आज जहां हैं उसके मुकाबले यह अर्थव्यवस्था की बहुत बड़ा बोनस होगा। मूडीज ने बारिश कम होने की आशंका और सुधार प्रक्रिया में गति न होने से 2015 के लिए वृद्धि का अनुमान घटा सात प्रतिशत कर दिया जो इससे पहले 7.5 प्रतिशत थी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि 7.8 प्रतिशत से अधिक रहने और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर दहाई अंक के करीब लाने का लक्ष्य रखा है। आरबीआई ने भी जून की मौद्रिक नीति की समीक्षा में वृद्धि का अनुमान घटाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया और अगस्त महीने की मौद्रिक समीक्षा में इसे बरकरार रखा। मूडीज के बयान के बाद वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा था कि सरकार सुधार प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Tuesday, 4 August 2015

राजन ने नीतिगत दर जस की तस बनाए रखी, बैंकों से कहा ब्याज दर कम करें

मुंबई। रिजर्व बैंक ने उंची महंगाई दर का हवाला देते हुए आज अपनी नीतिगत दर पहले के स्तर पर बनाए रखी। साथ ही आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बैंकों ने इस वर्ष नीतिगत दरों में की गयी कटौतियों का पूरा फायदा ग्राहकों तक अभी नहीं पहुंचाया है। आरबीआई ने 2015 में अपनी रेपो दर में अब तक तीन बार 0.25-0.25 प्रतिशत की तक की तीन बार कटौती की है। रेपो दर वह दर है जिस पर वह बैंकों को फौरी जरूरत के लिए उधार देता है। राजन ने कहा कि नीतिगत दर में जून में कमी पहले ही कर दी गयी। उन्होंने कहा कि इस समय मौद्रिक नीति में नरमी का रख बरकरार रखते हुए नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखना ही उचित है।
राजन ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा की घोषणा करते हुए यहां कहा कि आरबीआई यह देख रहा है कि बैंक पहले दी गयी ढील का फायदा और अधिक फायदा ग्राहकों तक कब पहुंचाते हैं। गवर्नर ने कहा कि नीतिगत दरों में और नरमी की गुंजाइश के लिए केंद्रीय बैंक उभरते अवसरों पर ध्यान रखेगा। आरबीआई की रपो दर 7.25 प्रतिशत पर बकरार है। इसी तरह रिजर्व बैंक के नियंत्रण में रखी जाने वाली बैंकों की नकदी या आरक्षित नकदी अनुपात :सीआरआर: चार प्रतिशत पर बना रहेगा।