Wednesday, 5 August 2015

मध्य प्रदेश में बड़ा ट्रेन हादसा, दो ट्रेनों की 10 बोगियां नदी में गिरीं, अब तक 29 की मौत

राष्ट्रीय उजाला संवाददाता।
हरदा। मध्य प्रदेश के हरदा के पास उफान भर रही माचक नदी पर बने पुल को पार करते हुए दो एक्सप्रेस ट्रेनें आज रात पटरी से उतर गईं। दुर्घटना में कई यात्रियों के मारे जाने की आशंका है। मुंबई से वाराणसी जा रही कामायनी एक्सप्रेस रात करीब 11:45 बजे भोपाल से करीब 160 किलोमीटर दूर हरदा के पास पटरी से उतर गई और इसके 6 डब्बे माचक नदी में गिर गए। वहीं जनता एक्सप्रेस भी इसी समय पटरी से उतर गई और उसकी 4 बोगियां पटरी से उतर गईं। जनता एक्सप्रेस जबलपुर से मुंबई जा रही थी।
अब तक का पल पल का अपडेट पढ़ें-
#जनता एक्सप्रेस में इंजन के अलावा 18 बोगी होती है, लेकिन हरदा स्टेशन पर सिर्फ 14 बोगी पहुंची-बी के उपाध्याय
#हरदा के स्टेशन मास्टर बी के उपाध्याय, हमारे स्टेशन से 21 किमी. दूर हुआ हादसा। कामायनी एक्सप्रेस की 10 बोगी लेकर स्टेशन पहुंची। कुल मिलकर 26 बोगियां थीं।
#मरने वालों में 6 पुरुष, 4 महिलाएं, 2 बच्चे शामिल।
#हरदा के एसपी प्रेमबाबू शर्मा ने कहा, अब तक 12 शव बरामद किए गए हैं।
#सीएम शिवराज चौहान का बयान, घटनास्थल पर मेडिकल टीमें रवाना कर दी गई हैं, हम रेलवे प्रशासन के साथ मिलकर काम कर रहे हैं।
#जनता एक्सप्रेस अभी भी घटनास्थल पर ही।
#किरेन रिजिजु का बयान, बढ़ सकती है मृतकों की संख्या
#सेना भी बचाव-राहत कार्य के लिए मौके के लिए रवाना
#एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 70 लोगों की टीम भोपाल से रवाना हुई।
#रेलवे प्रशासन ने हेल्पलाइन नंबर जारी किए
भोपाल 09752460088
भोपाल- 07755-4061609
हरदा 0780-2222052
इटारसी- 0757-22411920
वाराणसी- 0542-2504221
मुंबई 022-5280005
सुबह साढ़े तीन बजे पहुंची मदद
रेलवे पीआरओ ने कहा, अब तक 250 लोग बचाए गए।
अब तक तीन शव निकाले गए, 120 लोगों को बचाया गया।
पटरी पानी में डूबी हुई थी और कामयानी एक्सप्रेस के डब्बे नदी में गिर गए। वहीं कुछ दूरी पर जनता एक्सप्रेस भी पटरी से उतर गई। कामायनी ट्रेन में करीब 697 यात्री सवार थे। मौके पर राहत और बचाव कार्य जारी है। हालांकि अंधेरा होने के कारण राहत कार्य में मुश्किलें आईं। इटारसी, भोपाल और भुसावल से राहत और बचाव टीमें रवाना हो गईं। रेलवे ने हरदा, बीना और भोपाल में हेल्पलाइन स्थापित कर दी हैं। भोपाल से एनडीआरएफ की टीम और मऊ से सेना की टुकड़ी मौके पर रवाना कर दी गई है।
रेलवे प्रवक्ता अनिल सक्सेना के अनुसार, पटरियों पर पानी था और पुल डूबा हुआ था। इस वजह से कामायनी एक्सप्रेस के आखिरी डिब्बे पटरी से उतर गए। लगभग उसी समय दूसरी पटरी पर जनता एक्सप्रेस का इंजन और डिब्बे भी पटरी से उतर गये। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों के हताहत होने की आशंका है।
हरदा के कलेक्टर रजनीश श्रीवास्तव ने बताया कि खिड़किया और हरदा स्टेशन के पास माचक नदी पर घटना घटी। उन्होंने कहा कि दोनों ट्रेनों के कुछ डिब्बे और इंजन पानी में हैं। जबलपुर से मुंबई जा रही जनता एक्सप्रेस भी उसी जगह पटरी से उतरी गई। होशंगाबाद के डिवीजनल कमिश्नर वी के बाथम ने यह जानकारी दी।
रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने ट्वीट किया – आपात चिकित्सा और अन्य राहतकर्मी मौके पर पहुंच रहे हैं। अंधेरे और पानी से बाधा आ रही है लेकिन हर संभव मदद का आदेश दिया है। अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बोगियों को बाहर निकालने के प्रयास जारी हैं।
रेल मंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि हम सूचना के आधार पर हरसंभव मदद के लिए तैयारी कर रहे हैं, कोई कोशिश नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि रेलवे प्रशासन और मध्य प्रदेश सरकार कामायनी एक्सप्रेस दुर्घटना के बाद यात्रियों को बचाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं। जीएम, डीआरएम, आरपीएफ और मेडिकल स्टाफ को पहुंचने का निर्देश दिया है। रेलवे अधिकारी दो ट्रेनों के पटरी से उतरने की वजह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं।

उधमपुर : बीएसएफ की बस पर हमले में शामिल आतंकी गिरफ्तार, दो जवान शहीद

जम्मू: जम्मू कश्मीर में बुधवार को बीएसएफ की बस पर हुए आतंकी हमले में शामिल एक आतंकी को पकड़ लिया गया है। पकड़े गए आतंकी का नाम कासिम खान बताया जा रहा है। इस हमले में दो जवान शहीद हो गए, वहीं पांच जवान घायल हुए हैं। बीएसएफ ने एक आतंकी को मार गिराया है। बीएसएफ की जवाबी कार्रवाई के दौरान तीन स्थानीय नागरिकों को बंधक बनाकर एक आतंकी घने जंगल में भाग गया था। पुलिस ने कहा कि इन स्थानीय नागरिकों ने आतंकी को जीवित पकड़ने में फोर्स की मदद की।
बीएसएफ पर यह हमला जम्मू क्षेत्र में उधमपुर से 10 किमी दूर सनरूली हाइवे में हुआ है। प्राप्त जानकारी के अनुसार सैनिकों की वर्दी पहने आतंकियों ने बीएसएफ की बस पर उस समय हमला किया, जब वह इलाके के सड़क मार्ग से गुजर रही थी। सेना ने घेरा डालकर इलाके में तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस हाइवे पर हमला सुरक्षा बलों के लिए चिंता की बात है, क्योंकि अमरनाथ जाने वाले तीर्थयात्री अक्सर इसी मार्ग से होकर जाते हैं। इसके साथ ही इस मार्ग पर इस तरह के हमले बहुत कम हुए हैं। राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ट्वीट करके कहा, ‘एनएच के इस इलाके में ऐसा हमला बहुत दिनों बाद हुआ है। यह एक चिंताजनक घटना है, क्योंकि यह क्षेत्र आतंकियों से मुक्त था।’

Tuesday, 4 August 2015

कुरूक्षेत्र, सोनीपत में 65 प्रतिशत से अधिक महिलाएं नहीं चाहतीं बेटियां : अध्ययन

नयी दिल्ली। हरियाणा के कुरूक्षेत्र और सोनीपत जिलों में 65 प्रतिशत से अधिक महिलाएं बेटियांे की बजाय बेटे की ख्वाहिश रखती हैं क्योंकि उनका मानना है कि बेटा ही परिवार को आगे बढ़ा सकता है। इतना ही नहीं करीब 50 प्रतिशत महिलाओं का यह विचार है कि बेटा होने से समाज में किसी महिला को रूतबा और इज्जत मिलती है। भारत में लिंग आधारित लैंगिक चयन के मुद्दे पर प्रकाश डालने के मकसद से पॉपुलेशन काउंसिल ने यह आंकड़ा जारी किया । काउंसिल ने पिछले साल सितंबर से नवंबर में इन दोनों जिलों में 1,000 विवाहित महिलाओं को सर्वेक्षण में शामिल किया था।
रिपोर्ट में इस बात का उल्लेख किया गया है कि जिन जिलों में सर्वेक्षण किया गया, वहां गर्भावस्था के दौरान प्रसव पूर्व लिंग परीक्षण की जांच लगभग आम बात है क्योंकि 90 से 92 फीसदी महिलाओं ने इस तरह का परीक्षण कराने की बात स्वीकारी है। करीब 16 फीसदी महिलाओं का यह भी मानना है कि केवल बेटियों वाली मांताएं दुर्भाग्यशाली होती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, ‘‘सभी स्वास्थ्य केंद्रों ने यह स्वीकार किया कि मां के गर्भ में कन्या भ्रूण की जानकारी होने पर अधिकतर महिलाएं या तो खुद या परिवार के दबाव में अपना गर्भपात कराना चाहती हैं। न तो कोई परामर्श और न ही कोई डर इन महिलाओं को डिगा पाता है।’’ इसके अनुसार, कुरूक्षेत्र में 555 महिलाओं में से कम से कम 49 ने और सोनीपत में 546 में से 60 ने ‘गर्भपात’ कराया है। इनमें से 53 से लेकर 59 प्रतिशत ने चिकित्सकीय कारणों से और करीब 25 प्रतिशत ने इस वजह से गर्भपात कराया क्योंकि वह दूसरा बच्चा नहीं चाहती थीं।

राजन ने नीतिगत दर जस की तस बनाए रखी, बैंकों से कहा ब्याज दर कम करें

मुंबई। रिजर्व बैंक ने उंची महंगाई दर का हवाला देते हुए आज अपनी नीतिगत दर पहले के स्तर पर बनाए रखी। साथ ही आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने कहा कि बैंकों ने इस वर्ष नीतिगत दरों में की गयी कटौतियों का पूरा फायदा ग्राहकों तक अभी नहीं पहुंचाया है। आरबीआई ने 2015 में अपनी रेपो दर में अब तक तीन बार 0.25-0.25 प्रतिशत की तक की तीन बार कटौती की है। रेपो दर वह दर है जिस पर वह बैंकों को फौरी जरूरत के लिए उधार देता है। राजन ने कहा कि नीतिगत दर में जून में कमी पहले ही कर दी गयी। उन्होंने कहा कि इस समय मौद्रिक नीति में नरमी का रख बरकरार रखते हुए नीतिगत दर को अपरिवर्तित रखना ही उचित है।
राजन ने चालू वित्त वर्ष की तीसरी द्वैमासिक मौद्रिक समीक्षा की घोषणा करते हुए यहां कहा कि आरबीआई यह देख रहा है कि बैंक पहले दी गयी ढील का फायदा और अधिक फायदा ग्राहकों तक कब पहुंचाते हैं। गवर्नर ने कहा कि नीतिगत दरों में और नरमी की गुंजाइश के लिए केंद्रीय बैंक उभरते अवसरों पर ध्यान रखेगा। आरबीआई की रपो दर 7.25 प्रतिशत पर बकरार है। इसी तरह रिजर्व बैंक के नियंत्रण में रखी जाने वाली बैंकों की नकदी या आरक्षित नकदी अनुपात :सीआरआर: चार प्रतिशत पर बना रहेगा।

ललित मोदी प्रकरण, व्यापमं घोटाले को लेकर राज्यसभा में गतिरोध बरकरार

नयी दिल्ली। राज्यसभा में ललित मोदी प्रकरण एवं व्यापमं घोटाले को लेकर विदेश मंत्री और दो प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों के इस्तीफे की मांग पर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्ष के हंगामे के कारण आज भी गतिरोध जारी रहा तथा बैठक को करीब 11 बजकर 10 मिनट पर दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सदन की बैठक शुरू होते ही कांग्रेस के कई सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। लोकसभा में कल 25 कांग्रेस सदस्यों को निलंबित किए जाने के बाद आज उच्च सदन में इस पार्टी के सदस्य बाजुओं पर काली पट्टी बांधकर आए थे।
कांग्रेस के सदस्य आसन के समक्ष आकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। दो सदस्यों ने दो अलग अलग पोस्टर ले रखे थे जिनमें से एक पर विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और अन्य पर राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे की तस्वीर थी एवं उस पर भी नारे लिखे थे। हंगामे के बीच ही उपसभापति पी जे कुरियन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाए। इस दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मधुसूदन मिस्त्री ने आसन के समक्ष आकर काला कपड़ा लहराना शुरू कर दिया।
कुरियन ने उन्हें ऐसा नहीं करने की चेतावनी देते हुए कहा कि यह करना ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि ऐसा करना अनुशासनहीनता की पराकाष्ठा है तथा मिस्त्री जैसे वरिष्ठ नेता से इस तरह के व्यवहार की उम्मीद नहीं की जाती। आसन के समक्ष आज आए कांग्रेस सदस्यों में जयराम रमेश और रेणुका चौधरी जैसे पूर्व केन्द्रीय मंत्री भी थे जो विरोध जताने के लिए आमतौर पर आसन के समक्ष नहीं आते हैं।हंगामे के दौरान वाम, जदयू, सपा, तृणमूल कांग्रेस आदि दलों के कई सदस्य भी अपने स्थानों पर खड़े थे।

पूर्व पाक अफसर ने कबूलाः 26/11 हमला पाकिस्तान से ही हुआ, आतंकी ट्रेनिंग भी दी थी


नई दिल्ली: 26/11 हमले को लेकर पूर्व पाकिस्तानी जांचकर्ता ने अपने लेख में खुलासा किया है कि कि यह पाकिस्तान की धरती से ही प्रायोजित किया गया था। आतंकियों ने भी यहीं ट्रेनिंग ली थी। पाकिस्तानी जांचकर्ता तारिक खोसा ने लिखा है कि अजमल कसाब पाकिस्तानी नागरिक था और 26/11 हमले के लिए आतंकियों को पाकिस्तान में ट्रेनिंग दी गई थी। पाकिस्तान की फेडरल इनवेस्टिगेशन एजेंसी (एफआईए) के डीजी रहे तारिक खोसा ने कहा है कि मुंबई (26/11) हमले में पाकिस्‍तान की गलती के शुरुआती सबूत हैं और सरकार को यह सच मान लेना चाहिए। गौरतलब है कि खोसा की ही अगुवाई में पाकिस्‍तान सरकार ने इस हमले की जांच कराई थी।
मशहूर पाकिस्‍तानी अखबार डॉन में प्रकाशित लेख में खोसा लिखते हैं कि एक मुल्‍क के तौर पर अब हमें कड़वे सच का सामना करना चाहिए और पाकिस्‍तान से आतंकियों का खात्मा करना चाहिए। खोसा को बेनजीर भुट्‌टो मर्डर केस और मेमोगेट केस की जांच की जिम्मेदारी भी दी गई थी। उनकी छवि पाकिस्तान में एक बेदाग और ईमानदार अफसर की है। खोसा ने अपने लेख में कहा है कि पाकिस्तान ने अपनी जमीन से मुंबई हमले की साजिश रचने और उसे अंजाम देने में मदद की है। यह सच हमें मानना ही होगा। खोसा ने कहा कि जांच में साफ है कि सभी आतंकी पाकिस्तान से थे। हमले की साजिश और अंजाम देने के लिए लॉजिस्टिक सेंटर सिंध में बनाया गया था। मास्टरमाइंड कराची में बैठकर आतंकियों को निर्देश दे रहे थे।

जानबूझकर नियमों को चुनौती नहीं दें सदस्य : लोकसभा अध्यक्ष

नयी दिल्ली। लोकसभा में पोस्टर दिखाने वाले वाईएसआर कांग्रेस सदस्यों को नियमों का पालन करने की हिदायत देते हुए अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने आज कहा कि सांसदों को अपनी बात रखने और मंत्रियों से आश्वासन लेने का हक है लेकिन जानबूझकर नियमों को चुनौती देकर नहीं। लोकसभा में आज कार्यवाही शुरू होने पर वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य आंध्रप्रदेश को विशेष दर्जा दिये जाने की मांग करते हुए पोस्टर लेकर आध्यक्ष के आसन के समीप आ गए जबकि टीआरएस सदस्य सत्तापक्ष की ओर प्रधानमंत्री की सीट के बगल में खड़े होकर तेलंगाना के लिए पृथक उच्च न्यायालय की मांग कर रहे थे।
वाईएसआर कांग्रेस तथा टीआरएस सदस्यों की मांग के बीच सदन में गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि आंध्रप्रदेश के संबंध में कुछ विषय उठे हैं और निश्चित तौर पर सरकार उस पर ध्यान दे रही है। ‘‘आंध्रप्रदेश के साथ कोई अन्याय नहीं होने देंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘ तेलंगाना के बारे में अभी हमारी विधि मंत्री से बात हुई है। विधि मंत्री इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए प्रयत्नशील हैं। सरकार अपनी तरफ से प्रयत्नशील है। जहां तक संभव होगा सरकार इस बारे में बात करके समाधान निकालेगी।’’ वाईएसआर कांग्रेस के सदस्य इसके बाद भी आसन के समीन नारेबाजी करते रहे और टीआरएस सदस्य सदन में सत्तापक्ष की ओर कतार बनाकर खड़े रहे।
इस पर अध्यक्ष ने कहा, ‘‘ जब आप सांसद बनकर आते हैं तब आपको नियम पुस्तिका दी जाती है। यह नियम पुस्तिका एक व्यक्ति ने नहीं बनाई है। संसद की समिति ने इसे बनाया है। सदन सवाल उठाने के लिए है, मंत्री से आश्वासन लेने के लिए है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘नियम आपके ही बनाये हुए है। आप जानबूझकर नियमों को चुनौती दे रहे हैं। आप अपनी बात रखें और मैं आपको प्रश्नकाल के बाद मौका दूंगी लेकिन नियमों को चुनौती देते हुए नहीं।’’