Thursday, 20 August 2015

अब आपकी भावनाओं के मुताबिक एप भेजेगा आपका संवाद

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लंदन : अगर आप अपनी नाराज प्रेमिका को मनाने के लिए कॉल करना या मैसेज भेजना नहीं चाहते और उसे और नाराज किए बिना अपनी भावनाएं व्यक्त करना चाहते हैं तो किसी गीत का छोटा सा क्लिप भेजना ज्यादा असरदार हो सकता है। एक समाचारपत्र के अनुसार एक नया मोबाइल ऐप एमएसटीवाय (माय सांग टू यू) इसी तरह की सुविधा प्रदान करता है, और अपने उपयोगकर्ताओं को फोटो, लिखित संदेश के साथ नए-नए लोकप्रिय गानों की 18 सेकेंड की क्लिप भेजने की सुविधा देता है।
ब्रिटिश कंपनी ने इस ऐप को 155 देशों में जारी किया है, जिसमें उपयोगकर्ताओं के लिए 2,000 गानों की क्लिप मुहैया कराई गई है। यह ऐप कम्प्यूटर के एल्गोरिदम की बजाय मानवीय भावनाओं के अनुरूप किसी गीत के सबसे भावुक 30 सेकेंड की क्लिप को लिया गया है। ऐप में गानों की क्लिप को उनके मूड या जॉनर जैसे जश्न, उमंग, उत्साह, पॉप हिट्स के अनुसार विभिन्न वर्गो में विभाजित किया गया है।
उपभोक्ता 2,000 गानों की क्लिप को उनकी कैटेगरी के अनुसार अलग-अलग लिस्ट में से ब्राउज कर सकते हैं। कंपनी के संस्थापक ग्रांट बोवी के अनुसार, फिल्म से लेकर टेलीविजन और विज्ञापन तक लोग संगीत को हमेशा प्रभावशाली माध्यम के रूप में प्रयोग करते रहे हैं। आप अपनी उसी भावना को गीतों के जरिए मैसेज में क्यों नहीं भेज सकते? यह बेहद स्वाभाविक है।
बाजार में पहले से इस तरह के ऐप मौजूद हैं, जैसे ‘ला-ला’ और ‘रिदम’। हालांकि ‘ला-ला’ जहां पूरा गाना भेजता है वहीं ‘रिदम’ अपने उपभोक्ताओं से कई गतिविधियों के लिए कीमत वसूलता है। लेकिन एमएसटीवाय एप तस्वीरों और लिखित संदेशों को गाने के क्लिप के साथ भेजने की सुविधा देता है। एमएसटीवाय ने यूनिवर्सल, सोनी और वॉर्नर ब्रदर्स के साथ करार किया है, जिससे इसे 2.2 करोड़ गानों के इस्तेमाल का कानूनी अधिकार मिल जाएगा। एमएसटीवाय ऐप को एप्पल म्यूजिक के साथ भी इंटीग्रेट किया गया है। उपभोक्ता जिस गाने को चुनते हैं उस पर क्लिक कर उसे एप्पल म्यूजिक एलबम में शामिल कर सकते हैं, जहां वे उस गाने को स्ट्रीम कर सकते हैं या खरीद सकते हैं।

असम में बाढ़ के हालात, 7 जिलों के लाखों लोग प्रभावित, फसलें भी बर्बाद

गुवाहाटी : भारी बारिश के चलते असम के कई इलाकों में बाढ़ के हालात बने हुए है। असम के करीब 7 जिलों के 2 लाख से ज़्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हुए है। असम में बाढ़ से प्रभावित धेमाजी, कोकराझाड़, लखीमपुर, चिरांग, बंगाईगांव, तिनसुकिया और डिब्रुगढ़ जिले में बहने वाली सभी नदियां अपने खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बाढ़ से सबसे ज़्यादा नुकसान असम के कोकराझाड़ में हुआ है। कोकराझाड़ के करीब 87 गांव बाढ़ के पानी में डूबे हुए है और वहां से लोगों को निकालकर राहत कैंपों तक लाया जा रहा है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक करीब 12 हज़ार एकड़ से ज़्यादा फसल बाढ़ से बर्बाद हो गई है।

दरअसल, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक लक्ष्मण सिंह राठौड़ ने भी बीते दिनों जानकारी देते हुए बताया था कि हिमालय की तराई के क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश होगी। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा बुलाई गई उच्चस्तरीय बैठक के बाद उन्‍होंने कहा, बारिश के कारण कोसी, गंडक, घाघरा सहित गंगा और ब्रह्मपुत्र की सहायक नदियों के जलस्तर में वृद्धि होगी। इससे पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, असम और पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो सकती है।

60 मिनट ही नजरबंदी: गिलानी को छोड़ कश्‍मीर में सभी अलगाववादी नेता रिहा


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श्रीनगर, पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार सरताज अजीज के साथ दिल्ली में प्रस्तावित बैठक से पहले गुरुवार को नजरबंद किए गए कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को छोड़ दिया गया है। जानकारी के अनुसार, श्रीनगर में में अलगाववादी नेताओं की नजरबंदी खत्‍म कर दी गई है। वहीं, हिरासत में लिए गए जेकेएलएफ के नेता यासीन मलिक को भी छोड़ दिया गया है। इन अलगाववादी नेताओं पर कार्रवाई के बाद तकरीबन एक घंटे में उन्‍हें छोड़ने का फैसला कर लिया गया। गौर हो कि जम्‍मू कश्‍मीर के पूर्व मुख्‍यमंत्री उमर अब्‍दुल्‍ला ने आज अलगाववादी नेताओं की नजरबंदी को लेकर सवाल उठाए थे।
गौर हो कि पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार सरताज अजीज के साथ दिल्ली में प्रस्तावित बैठक से पहले कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को आज नजरबंद कर दिया गया। इन नेताओं में मीरवाइज उमर फारूक और अब्बास अंसारी भी शामिल थे। पुलिस और हुर्रियत के सूत्रों ने बताया कि हुर्रियत के कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी पहले से ही नजरबंद हैं। ऐसी ही रोक उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक और अब्बास अंसारी पर लगाई गई। उमर फारूक निगीन में और अंसारी नवाकदल में रहते हैं।
पाकिस्तान के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहाकार सरताज अजीज के साथ दिल्ली में प्रस्तावित बैठक से पहले कश्मीर के अलगाववादी नेताओं को आज नजरबंद कर दिया गया था। इन नेताओं में मीरवाइज उमर फारूक और अब्बास अंसारी शामिल थे। पुलिस और हुर्रियत के सूत्रों ने बताया कि हुर्रियत के कट्टरपंथी नेता सैयद अली शाह गिलानी पहले से ही नजरबंद थे। ऐसी ही रोक उदारवादी धड़े के प्रमुख मीरवाइज उमर फारूक और अब्बास अंसारी पर लगाई गई। उमर फारूक निगीन में और अंसारी नवाकदल में रहते हैं। एक पुलिस अधिकारी ने कहा कि हुर्रियत के कट्टरपंथी गुट के प्रवक्ता अयाज अकबर को एचएमटी इलाके में नजरबंद कर दिया गया और गिलानी के हैदरपोरा स्थित आवास के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। उन्होंने कहा कि अलगाववादी गुट की दूसरी पंक्ति के नेताओं को हिरासत में लेने के लिए छापेमारी जारी है।
पाकिस्तान के दिल्ली स्थित उच्चायोग ने 24 अगस्त को अजीज के साथ बैठक के लिए गिलानी को आमंत्रित किया था। अजीज भारतीय राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल के साथ वार्ता करने के लिए तब राष्ट्रीय राजधानी में मौजूद होंगे। नयी दिल्ली में पाकिस्तानी अधिकारी के आगमन पर 23 अगस्त को उच्चायोग द्वारा दी जा रही दावत में नरमपंथी अलगाववादी नेताओं को भी बुलाया गया है। पिछले साल अगस्त में इस्लामाबाद में बैठक से पहले पाकिस्तान के राजनयिक द्वारा अलगाववादी नेताओं को चर्चा के लिए आमंत्रित किए जाने के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ विदेश सचिव स्तर की वार्ताएं रद्द कर दी थीं।

राजस्थान स्थानीय निकाय चुनाव: भाजपा को बढ़त

जयपुर, राजस्थान के 31 जिलों के 129 निकायों में भाजपा को बढ़त मिली है। राज्य में निर्वाचन आयोग के प्रवक्ता ने बताया कि मतगणना शांतिपूर्वक चल रही है और आज शाम तक सभी परिणाम आ जायेंगे। ताजा परिणाम आने तक भाजपा को 62, कांग्रेस 26, अन्य 17 सीटों पर आगे चल रहे थे! कुल मिलाकर स्थानीय निकाय चुनाव में वसुंधरा राजे का जलवा रहा!  गौरतलब है कि निकाय मतगणना में 3,351 वार्ड पाषर्दों के चुनाव में 10,582 उम्मीदवार खड़े थे। निवार्चित पाषर्द 21 अगस्त को चेयरमेन का और 22 अगस्त को उपाध्यक्ष का चुनाव करेंगे।

अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है, ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ सकती है: राजन

मुंबई, आरबीआई गवर्नर रघुराम राजन ने आज कहा कि अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है और उम्मीद जताई कि यदि मानसून में सुधार होता है तो ग्रामीण क्षेत्रों में मांग बढ़ेगी। राजन ने यहां दूसरे एसबीआई बैंकिंग एंड इकनामिक कान्क्लेव में कहा ‘‘हमारा मानना है कि अर्थव्यवस्था ने रफ्तार पकड़ी है।’’ मूडीज इन्वेस्टर्स सर्विस द्वारा भारत की वृद्धि का अनुमान घटाने के दो बाद आज राजन ने अपनी टिप्पणी में कहा कि बुवाई अच्छी है और उम्मीद है कि बारिश कम नहीं होगी।
उन्होंने कहा ‘‘उम्मीद है कि बुवाई बहुत अच्छी हुई है और यदि बारिश कम नहीं होती और दरअसल बढ़ ही जाती है तो ग्रामीण क्षेत्रों में मांग और तेजी से लौट सकती है।’’ राजन ने कहा कि यह आज जहां हैं उसके मुकाबले यह अर्थव्यवस्था की बहुत बड़ा बोनस होगा। मूडीज ने बारिश कम होने की आशंका और सुधार प्रक्रिया में गति न होने से 2015 के लिए वृद्धि का अनुमान घटा सात प्रतिशत कर दिया जो इससे पहले 7.5 प्रतिशत थी। सरकार ने चालू वित्त वर्ष में वृद्धि 7.8 प्रतिशत से अधिक रहने और धीरे-धीरे इसे बढ़ाकर दहाई अंक के करीब लाने का लक्ष्य रखा है। आरबीआई ने भी जून की मौद्रिक नीति की समीक्षा में वृद्धि का अनुमान घटाकर 7.6 प्रतिशत कर दिया और अगस्त महीने की मौद्रिक समीक्षा में इसे बरकरार रखा। मूडीज के बयान के बाद वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने कहा था कि सरकार सुधार प्रक्रिया आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

Wednesday, 12 August 2015

कांग्रेस के हंगामे के बीच सुषमा स्वराज की ललितगेट मुद्दे पर लोकसभा में सफाई

नई दिल्ली। ललित मोदी प्रकरण और व्यापमं घोटाले पर कांग्रेस सदस्यों के हंगामे एवं नारेबाजी के कारण राज्यसभा की कार्यवाही आज भी बाधित हुयी और बैठक एक बार के स्थगन के बाद दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित कर दी गयी। सुबह उपसभापति पीजे कुरियन ने आवश्यक दस्तावेज सदन के पटल पर रखवाने के बाद कहा कि उन्हें नियम 267 के तहत कार्य स्थगन के लिए कुल तीन नोटिस मिले हैं। उन्होंने कहा कि पहला नोटिस सपा के नरेश अग्रवाल का है जिन्होंने सांसदों के खिलाफ टिप्पणी पर चर्चा को लेकर नोटिस दिया है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा कल ही सदन में उठाया जा चुका है। इसलिए इस नोटिस को अस्वीकार किया जाता है।
इसके बाद कुरियन ने कहा कि दूसरा नोटिस माकपा सदस्य टीके रंगराजन का है जो व्यापमं घोटाले और विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से जुड़े मुद्दों में जवाबदेही तय करने के लिए प्रधानमंत्री के जवाब पर है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे पर वह कई बार नोटिस को स्वीकार कर चुके हैं। लेकिन अनुमति देने के बाद भी इस विषय पर चर्चा शुरू नहीं की जा रही है। इसलिए इस नोटिस को भी अस्वीकार किया जाता है। कुरियन द्वारा इस नोटिस को अस्वीकार किए जाने पर माकपा एवं कांग्रेस आदि दलों के सदस्यों ने आपत्ति की। कांग्रेस के आनंद शर्मा ने कहा कि नियमों के अनुसार एक ही विषय पर अलग अलग दिन दिए गए नोटिस को नया माना जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष विभिन्न मामलों में जवाबदेही तय किए जाने की मांग कर रह रहा है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर प्रधानमंत्री को प्रतिक्रिया व्यक्त करनी चाहिए। विभिन्न सदस्यों की आपत्ति के बीच कुरियन ने कहा कि अगर रंगराजन चर्चा के लिए प्रस्ताव पेश करते हैं तो वह नोटिस को स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने रंगराजन से सवाल किया कि क्या वह इसके लिए तैयार हैं। इस पर रंगराजन ने कहा कि चर्चा के लिए प्रधानमंत्री को यहां होना जरूरी है। कुरियन ने कहा कि प्रस्ताव सशर्त नहीं हो सकता।
संसदीय कार्य राज्य मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने कहा कि आसन ने बार बार इस विषय पर चर्चा के लिए नोटिस को स्वीकार किया है। लेकिन विपक्ष चर्चा करना ही नहीं चाहता। नकवी ने कहा कि विपक्ष चर्चा शुरू करे, सरकार उसके हर सवाल का जवाब देगी। जदयू के शरद यादव ने कहा कि संसद में हंगामे के बारे में पूंजीपतियों की टिप्पणी से यह आरोप स्पष्ट हो गया है कि यह सरकार पूंजीपतियों और थैलीशाहों की है। उन्होंने इस बात पर आपत्ति की थी कि बाहर बैठे लोग संसद चले या नहीं, इस बारे में कैसे टिप्पणी कर सकते हैं। उनकी बात पर भाजपा के कई सदस्यों ने आपत्ति जतायी। सदन के नेता और अरूण जेटली ने यादव की बात का प्रतिवाद करते हुए कहा कि क्या आम आदमी चाहता है कि संसद नहीं चले। जिसने आपको वोट दिया, क्या वह चाहता है कि संसद नहीं चले।
इसी दौरान कांग्रेस के कई सदस्य सरकार एवं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आसन के समक्ष आ गए। उधर जदयू, माकपा एवं बसपा के सदस्य अपने स्थानों पर खड़े देखे गए। कुरियन ने हंगामा कर रहे सदस्यों से शांत होने की अपील करते हुए कहा कि यह सदस्य जिस तरह से आचरण कर रहे हैं, वह दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि हंगामा कर रहे सदस्यों को सदबुद्धि आएगी। इसके बाद उन्होंने 11 बजकर करीब 20 मिनट पर बैठक 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी।

Tuesday, 11 August 2015

GST बिल पेश होते ही रास में हंगामा, कल तक के लिए स्थगित



नई दिल्ली। सरकार ने आज राज्यसभा में गुड्स एंड सर्विसेज यानी जीएसटी बिल पेश कर दिया। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन में बिल रखा। बिल पेश करते ही सदन में जोरदार हंगामा मच गया। कांग्रेस की तरफ से नारेबाजी शुरू हो गई और सांसद वेल तक पहुंच गए। इसको देखते हुए उप सभापति ने राज्यसभा कल तक के लिए स्थगित  कर दी। जेटली ने सदन में कहा कि जीएसटी का विरोध कर कांग्रेस देश का विकास रोक रही है। सुषमा तो बहाना है, दरअसल कांग्रेस जीएसटी बिल में रोड़ा डालना चाहती है। उधर, विरोध करते हुए कांग्रेस सांसद जेटली तक भी पहुंच गए और पोस्टर लहराने लगे। इस पर उप सभापति ने सदन कल तक के लिए स्थगित कर दिया।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सदन में बिल रखा। बिल पेश करते ही सदन में जोरदार हंगामा मच गया। इससे पहले राज्यसभा में कांग्रेस ने इसे लेकर सरकार पर नए आरोप लगाए। कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने कहा कि सरकार ने बिजनेस एडवाइजरी कमेटी की मीटिंग में इसका जिक्र  नहीं किया था। इसमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। ये विपक्ष को बदनाम करने की साजिश है। जीएसटी बिल लोकसभा में पहले ही पारित हो चुका है और पिछले सत्र में इसे राज्यसभा की सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया गया था। बता दें राज्यसभा में एनडीए सरकार के पास बहुमत नहीं होने की वजह से ये बिल पास होने में दिक्कतें आ रही हैं।