Friday, 17 July 2015

भारत ने ड्रोन पर पाक दावे को किया खारिज, कहा- बिना उकसावे के फायरिंग का देंगे ‘जवाब

नई दिल्‍ली : सीमा पर बढ़े तनाव और उसके चलते दोनों ओर के कुछ लोगों के मारे जाने के बीच भारत ने गुरुवार को पाकिस्तान को चेतावनी दी कि बिना उकसावे के फायरिंग और सीमा पार आतंकवाद का ‘असरदार और ताकतवर ढंग से’ जवाब दिया जाएगा।पाकिस्‍तान की ओर से सीमा पर निरंतर फायरिंग और ड्रोन मसले को लेकर विदेश मंत्रालय ने यह साफ किया कि कथित भारतीय ‘खुफिया’ ड्रोन को लेकर पाकिस्‍तान का दावा गलत है। विदेश सचिव एस जयशंकर ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि यह ड्रोन भारत का नहीं है जबकि पाक ने इसके भारतीय होने की बात कही। पाकिस्‍तान ने भारतीय ड्रोन होने का गलत आरोप लगाया है। पाकिस्‍तान के इस दावे में बिलकुल दम नहीं है। संबद्ध ड्रोन की जो तस्वीर है उसे देखकर लगता है वह भारतीय डिजाइन का अथवा सशस्त्र सेना के पास मौजूद ड्रोन जैसा नहीं है। यह चीनी डिजाइन का लगता है।
उन्‍होंने यह भी कहा कि हम सीमा पर शांति चाहते हैं। यदि सीमा पर फायरिंग जारी रही तो हम उसका जवाब देंगे। बिना उकसावे के पाकिस्तान की तरफ से किसी भी गोलीबारी का कारगर जवाब दिया जाएगा। विदेश सचिव ने यह भी कहा कि इस सबके बीच पाकिस्‍तान के साथ बातचीत चलती रहेगी। पाकिस्तानी गोलाबारी पर विदेश सचिव ने कहा हम अपने प्रहरियों का मनोबल गिरने नहीं देंगे। उन्‍होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने सीमा की स्थिति पर पाकिस्तानी दूत से कल दो बार और आज एक बार बात की। पाकिस्‍तान से सीमा पर फायरिंग बंद करने के लिए कहा गया था। लेकिन पाक की तरफ से फायरिंग जारी रही। कल रात सेना के जवानों ने इस फायरिंग के मद्देनजर जवाबी कार्रवाई की। एनएसए ने इस्‍लामाबाद में पाकिस्‍तान के उच्‍चायुक्‍त से बात की।
जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर पाकिस्तान की ओर से पिछले दो दिनों में भारतीय क्षेत्रों में मोर्टार से गोलाबारी कर संघर्ष विराम का उल्लंघन करने पर भारत ने आज उसे यह बेबाक चेतावनी दी। संघर्ष विराम उल्लंघन की इन घटनाओं से उत्पन्न स्थिति के मद्देनजर कल सुबह से अब तक भारत में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, विदेश सचिव एस जयशंकर और पाकिस्तान के उच्चायुक्त अब्दुल बासित और इस्लामाबाद में उनके भारतीय समकक्ष टीसीए राघवन ने हालात पर टिप्पणियां कीं। रूस में कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पाकिस्तान के उनके समकक्ष नवाज शरीफ के बीच बातचीत के दौरान दोनों देशों के बीच आपसी संपर्क की बहाली पर सहमति बनने के बाद ये घटनाएं हुई हैं।
गृह मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा सीमा पर स्थिति की समीक्षा के लिए विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री मनोहर पार्रिकर के साथ उच्चस्तरीय बैठक बुलाये जाने के बाद जयशंकर संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। बैठक में विदेश सचिव और डोभाल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि भारत ऐसे कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध है, जिनसे सीमा पर शांति सुनिश्चित करने में मदद मिले। जयशंकर ने कहा कि इसे लेकर हालांकि कोई संदेह नहीं होना चाहिए कि पाकिस्तानी पक्ष की ओर से बिना किसी उकसावे के की गयी किसी फायरिंग का प्रभावशाली ढंग से और पूरी ताकत से जवाब दिया जाएगा। घुसपैठ और सीमा पार से आतंकवाद को लेकर भी हम पूरी चौकसी बरतेंगे।
यह पूछने पर कि उफा में जो तय हुआ था, उसके मुताबिक क्या पाकिस्तान के साथ आगे वार्ता होगी, जयशंकर ने कहा कि मेरा मानना है कि मेरा बयान एकदम स्पष्ट है। यदि सीमा पर शांति मजबूत करने का इरादा है और बैठक करनी है तो हम ऐसा करने पर सहमत हुए और इसके लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि दूसरी ओर यदि सीमा पर बिना किसी उकसावे के फायरिंग होती है और घुसपैठ एवं सीमा पार आतंकवाद है तो स्वाभाविक तौर पर हालात अलग होंगे। जयशंकर ने कहा कि बिना किसी उकसावे के पाकिस्तान की ओर से फायरिंग ‘गंभीर बात’ है इसलिए दोनों पक्षों के अधिकारियों के बीच कई दौर का विचार विमर्श चला। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त से कल दो बार बात की और आज एक बार। मैंने भी बासित से सीमा की स्थिति पर बात की है। उन्होंने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि वह संघर्ष विराम के उल्लंघन का दोष भारत पर डाल रहा है। स्थिति के समाधान की ओर से पाकिस्तान की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
नियंत्रण रेखा पर कथित जासूसी ड्रोन को गिराये जाने तथा संघर्ष विराम के उल्लंघन को लेकर दोनों देशों की ओर से आरोप प्रत्यारोप हुए। जम्मू के अख्नूर सेक्टर में गोलीबारी और मोर्टार से हुई गोलाबारी में एक भारतीय महिला की मौत हो गयी जबकि लगभग दस अन्य घायल हो गये। उधर, पाकिस्तान ने दावा किया है कि भारत की ओर से किये गये कथित संघर्ष विराम उल्लंघन में उसके चार नागरिक गोलीबारी के दौरान मारे गये। जयशंकर ने पाकिस्तान के इस आरोप से इंकार किया है कि भारत का जासूसी ड्रोन अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन कर पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र में घुसा। उन्होंने कहा कि जिस ड्रोन की बात की जा रही है, उसका डिजाइन भारत का नहीं है और ना ही वैसा उपकरण भारतीय सशस्त्र बलों के पास है। विदेश सचिव ने कहा कि ऐसा लगता है कि ड्रोन का डिजाइन चीन का है।
उन्होंने नियंत्रण रेखा के निकट 11 जुलाई 2015 को भारत की ओर से हेलीकाप्टर के चक्कर लगाने के पाकिस्तान सरकार के आरोप का प्रतिवाद किया। उन्होंने कहा कि जहां तक हेलीकाप्टर के चक्कर लगाने का आरोप है, इस पर पहले ही बात हो चुकी है और तीतवाल में 12-13 जुलाई को स्थानीय कमांडरों के बीच हॉटलाइन संदेशों के आदान प्रदान के जरिए इसे निपटा लिया गया है। जयशंकर ने कहा कि हेलीकाप्टर की उड़ान आतंकवाद रोधी अभियान के तहत थी, जिसमें तीन आतंकवादियों को निष्प्रभावी किया गया था। पाकिस्तानी पक्ष ने हेलीकाप्टर की उड़ान का मामला उठाया और हमने स्पष्ट किया कि ये उड़ान भारत में नियंत्रण रेखा से परस्पर स्वीकार्य दूरी पर थी। अब चार दिन बाद पाकिस्तानी सरकार ऐसे विवाद को उठा रही है, जिसका समाधान हो चुका है।

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